MD भारत न्यूज रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात का 125 वां संस्करण जिले भर के सभी भाजपा मंडलों के बूथो पर सुना गया। मन की बात के 125 वे संस्करण पर जवाहर नगर मंडल के महामंत्री रमेश शर्मा ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम जन-जन को एक सूत्र में पिरोकर राष्ट्र के उत्कर्ष की दिशा में आगे बढाने का सशक्त माध्यम बना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम हमेशा की तरह सभी जवाहर नगर मंडल पर सुना गया। महामंत्री रमेश शर्मा ने बताया मन की बात कार्यक्रम का मुख्य रूप से रायपुर भाजपा जिला के सभी मंडलों के बूथो पर सुना जाता है। जहां सभी मंडल के अध्यक्ष,पदाधिकारी,कार्यकर्ता, पार्षद गण, महिला मोर्चा,युवा मोर्चा के साथ राजधानी वासी भी सम्मिलित होते है। आज का यह आयोजन ललिता चौक में किया गया।
इस अवसर पर इंदिरा गांधी वार्ड के पूर्व पार्षद भावेश पिथालिया,मंडल महामंत्री रमेश शर्मा,,मंत्री दिनेश शर्मा, मनोज विश्वकर्मा, सुभाष बख्शी,दिनेश,पिंटू,संजय साहू,पूनम सोनी,लक्ष्मी नारायण साहू, अल्पसंख्यक मोर्चा के भूपेंद्र मक्कड़ प्रदेश,सुनील साहू,सुनील खंडेलवाल
दीप लक्ष्मी साहू,अरविंद कुर्रे,देवकी साहू,ख़ेमिन साहू,निकिता वर्मा,लता साहू मीडिया प्रभारी प्रणीत जैन उपस्थित थे।

आज मन की बात रेडियो प्रसारण में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इस दौरान उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र किया। उन्होंने बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से काफी तबाही हुई है। हर पीड़ित का दर्द, हम सभी का दर्द है। हर कोई पीड़ितों की मदद के लिए हरसंभव मदद कर रहा है।
उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती है। ये दिन हमारे उन विश्वकर्मा बंधुओं को भी समर्पित है जो पारंपरिक शिल्प, कौशल और ज्ञान-विज्ञान को अनवरत एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचा रहे हैं। हमारे सुतार, लोहार, सोनार, कुम्हार, मूर्तिकार, बढ़ई- मिस्त्री, हमेशा से भारत की समृद्धि की बुनियाद रहे हैं। हमारे इन विश्वकर्मा बंधुओ की मदद के लिए ही सरकार ने विश्वकर्मा योजना भी चलाई है।’
पीएम मोदी ने कहा कि इस समय देश-भर में ‘गणेश उत्सव’ की धूम है। आने वाले दिनों में बहुत सारे त्योहारों की रौनक होगी। इन त्योहारों में आपको स्वदेशी की बात कभी भी भूलनी नहीं है। उपहार वही जो भारत में बना हो, पहनावा वही जो भारत में बुना हो, सजावट वही जो भारत में बने सामान से हो, रौशनी वही जो भारत में बनी झालरों से हो और भी ऐसा बहुत कुछ, जीवन की हर जरूरत में सब कुछ स्वदेशी हो। गर्व से कहो ‘ये स्वदेशी है’, गर्व से कहो ‘ये स्वदेशी है’, गर्व से कहो ‘ये स्वदेशी है। इस भाव को लेकर हमें आगे चलना है। एक ही मंत्र ‘वोकल फॉर लोकल’, एक ही रास्ता ‘आत्मनिर्भर भारत’, एक ही लक्ष्य ‘विकसित भारत’।’
उन्होंने कहा कि खुशियों के बीच आप सभी स्वच्छता पर जोर देते रहें, क्योंकि जहां स्वच्छता है, वहां त्योहारों का आनंद भी और बढ़ जाता है। साथियों, ‘मन की बात’ के लिए मुझे इसी तरह बड़ी संख्या में अपने संदेश भेजते रहिए। आपका हर सुझाव इस कार्यक्रम के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अपना फीडबैक मुझ तक जरूर पहुंचाते रहें। अगली बार जब हम मिलेंगे तो और भी नए विषयों की चर्चा होगी।