विशेष समाधान शिविर में दिव्यांग सतरूपा को मिली इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल

सुशासन तिहार से आत्मनिर्भरता की नई राह हुई आसान

MD भारत न्यूज दुर्ग। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और जमीनी प्रशासन के सीधे जुड़ाव से अब आम नागरिकों के जीवन में सीधा बदलाव दिखने लगा है। इसी कड़ी में दुर्ग जिले में विगत दिवस आयोजित विशेष समाधान शिविर में ग्राम थनौद की निवासी दिव्यांग हितग्राही सतरूपा ठेठवार को जब जिला प्रशासन द्वारा इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल प्रदान की गई, तो उनके चेहरे पर स्वावलंबन की चमक साफ दिखाई दी।

 

 

’सुशासन तिहार’ के तहत आयोजित यह शिविर सरकार के संकल्पों को धरातल पर उतारने और अंतिम व्यक्ति तक राहत पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बनकर सामने आया है। ग्राम थनौद की रहने वाली सतरूपा ठेठवार बताती है कि वे लंबे समय से अपने दैनिक कार्यों और रोज़मर्रा के आवागमन के लिए पूरी तरह से अपने परिवार के सदस्यों पर आश्रित थीं। किसी भी जरूरी काम से बाहर जाने के लिए उन्हें दूसरों की सुविधा और सहायता का इंतजार करना पड़ता था, जिससे कई बार उनके महत्वपूर्ण कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाते थे। जिसके कारण सतरूपा को रोज़ाना कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन उनके मन में हमेशा से खुद के पैरों पर खड़े होने और आत्मनिर्भर बनने की इच्छा थी।

*सुशासन तिहार में वर्षों का इंतजार हुआ खत्म*

जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस विशेष समाधान शिविर में जब सतरूपा के आवेदन और पात्रता की त्वरित जांच कर उन्हें आधुनिक इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल सौंपी गई, तो उनका बरसों का इंतजार खत्म हो गया। अब इस वाहन की मदद से वे अपने सामाजिक और व्यक्तिगत कार्य किसी की मदद के बिना, स्वयं कर सकेंगी। इस साधन ने उनकी दूसरों पर निर्भरता को पूरी तरह खत्म कर दिया है।

*अब कहीं भी आने-जाने के लिए हूँ पूरी तरह स्वतंत्र*

इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल मिलने के बाद हितग्राही सतरूपा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का दिल से आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा शिविर लगाकर दी गई इस मदद से उनकी ज़िंदगी का सफर अब बहुत आसान और सुगम हो जाएगा, और वे अब कहीं भी आने-जाने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। इस शिविर के जरिए मिली यह सहायता केवल एक गाड़ी नहीं, बल्कि सतरूपा जैसी नागरिकों को सम्मानजनक और स्वतंत्र जीवन जीने का अवसर देने की एक मजबूत शुरुआत है।

 

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