परीक्षा के माहौल में डर खत्म करना आवश्यक है:राजकुमार

MD भारत न्यूज, मुंगेली। राहुल यादव। पूरा समाज बच्चों के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रयासरत है।सरकारें भी अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

वहीं शिक्षक राजकुमार कश्यप जो शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सेमरसल में पदस्थ हैं वे बताते हैं कि हाई स्कूल के साथ साथ पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में भी एंड लाइन आंकलन के माध्यम से बच्चों के विकास को जांचा परखा जा रहा है और उनके शैक्षणिक योग्यता की परख की जा रही है।वार्षिक आंकलन की तैयारी में संलग्न शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सेमरसल के बच्चो को प्ले कार्ड के माध्यम से रोचक अंदाज में मिनिंग्स याद करने व वाक्य बनाने का अभ्यास कराया गया।एक एक बच्चों को रंगीन प्ले कार्ड जिसमें सचित्र स्पेलिंग सहित मायने दिखाई दे रहा है उसे ग्रीन बोर्ड पर लिखने को भी दिया गया सामने आकर बिना भय के बारी बारी से सभी बच्चों को याद कराके उनके बौद्धिक स्तर को बढ़ाने पर जोर दिया गया।अंग्रेजी के मायने,सेंटेंस बनाने का तरीका,स्टोरी आदि खेल खेल के माध्यम से बच्चों को वार्षिक आंकलन के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रतिदिन सभी विषय पढ़ने को जोर दिया जा रहा है, कम से कम आधे आधे घंटे प्रत्येक विषय को घर में पढ़ने के लिए प्रेरित किया गया है जिसकी पूछताछ प्रार्थना सभा में की जाती है।सबेरे उठकर पढ़ाई करने के लिए निर्देशित कर शिक्षकों के द्वारा अचानक छापा मारकर घरों में जाकर बच्चों की मॉनिटरिंग भी की जा रही है। कंप्यूटर की प्राथमिक शिक्षा भी दिया जा रहा है।छत्तीसगढ़ राज्य गीत,राष्ट्रगीत,भाव जागरण के कहानियां ,देशभक्ति गाने के अभ्यास के अलावा छोटे छोटे समूहों में बाटकर बच्चों को सृजनशीलता के गुर सिखाए जा रहे हैं।वर्तमान समय में विद्यार्थियों का सबसे ज्यादा ध्यान आने वाले समय में आयोजित किए जा रहे विभिन्न कक्षाओं के परीक्षा पर ही है। चाहे वो बोर्ड की परीक्षा हो या स्थानीय परीक्षा। कोरोना काल के पश्चात बच्चों में तनाव भी साफ देखा जा रहा है चूंकि इस बार लिखित रूप में परीक्षा होना है इसलिए भी छात्र छात्राओं के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।वहीं अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षक राजकुमार कश्यप कहते हैं कि यह समय बहुत ही सेंसिटिव है पूरे छात्र जगत में प्रतियोगी भाव का माहौल है। इस दौर में डर खत्म करना अति आवश्यक है इसके लिए पालकों को बच्चों से संवाद स्थापित करते रहना चाहिए।उनकी जरूरतों का ध्यान रखना चाहिए। बच्चों को भी योग आसन ध्यान आदि के प्रेक्टिस से तनाव दूर करना चाहिए।विद्यार्थी समाज अपने सपनों को लेकर एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर है जहां इन परीक्षाओं के परिणाम अनेक कोर्सेस में एडमिशन के द्वार खोलेंगे। साथ ही पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में भी एंड लाइन आंकलन के माध्यम से बच्चों के विकास को जांचा परखा जा रहा है और उनके शैक्षणिक योग्यता की परख की जा रही है।इस कार्य में संस्था प्रधान विश्वनाथ योगी,शिक्षक राकेश पांडेय,अंशुमाला , पुष्पा चतुर्वेदी अनेक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लगे हुए हैं।

 

 

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