ग्राम कोरदा की माहेश्वरी ने किराना दुकान से बदली अपनी आर्थिक स्थिति
बिहान समूह से मिली ताकत, मेहनत और हौसले से बनीं सफल उद्यमी

MD भारत न्यूज रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम कोरदा की निवासी श्रीमती माहेश्वरी यादव ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से यह साबित कर दिया है कि यदि अवसर और सही मार्गदर्शन मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं। कभी घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली माहेश्वरी आज अपने प्रयासों से ‘लखपति दीदी’ बनकर अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।
करीब चार वर्ष पहले तक माहेश्वरी यादव का जीवन सामान्य गृहिणी की तरह चूल्हे-चौके और परिवार की जिम्मेदारियों में ही व्यतीत होता था। इसी दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ने का निर्णय लिया। यह निर्णय उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। बिहान समूह से जुड़कर उन्हें न केवल आत्मविश्वास मिला, बल्कि आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर भी प्राप्त हुआ।
समूह के सहयोग और अपने पति श्री रामेश्वर यादव के समर्थन से माहेश्वरी ने गांव में ही एक छोटी किराना दुकान की शुरुआत की। शुरुआत भले ही छोटी थी, लेकिन उनकी मेहनत, लगन और बेहतर प्रबंधन के कारण धीरे-धीरे यह दुकान गांव में एक भरोसेमंद केंद्र बन गई। आज यह किराना दुकान उनके परिवार की आर्थिक मजबूती का प्रमुख आधार बन चुकी है।
दुकान के सफल संचालन से माहेश्वरी यादव आज प्रतिवर्ष लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इसी उपलब्धि के साथ उन्होंने ‘लखपति दीदी’ बनने का गौरव हासिल किया है।
इस आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे सकारात्मक प्रभाव उनके बच्चों की शिक्षा पर पड़ा है। माहेश्वरी के तीन बेटे हैं, जो क्रमशः 12वीं, 8वीं और 5वीं कक्षा में अध्ययनरत हैं। अब वे बिना किसी आर्थिक चिंता के अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
माहेश्वरी यादव बताती हैं कि बिहान समूह ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि समाज में एक नई पहचान और आत्मविश्वास भी प्रदान किया। आज वे एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित हो चुकी हैं और गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।