बिहान से मिली दिशा, ‘ड्रोन दीदी’ बन आसमान छू रहीं सीमा वर्मा

मस्तूरी की सीमा ने आधुनिक तकनीक से बनाई नई पहचान

स्व-सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार और नवाचार की मिसाल बनीं

 

 

MD भारत न्यूज रायपुर। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बीच जीवन बिताने वाली बिलासपुर जिले के जनपद पंचायत मस्तूरी के ग्राम पंचायत पौंड़ी की श्रीमती सीमा वर्मा आज अपने हौसले, मेहनत और नई तकनीक को अपनाने की लगन से एक अलग पहचान बना चुकी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर उन्होंने न केवल अपने जीवन की दिशा बदली, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बन गई हैं।
वर्ष 2014 में सीमा वर्मा ‘जय मां गायत्री स्व-सहायता समूह’ से जुड़ीं। शुरुआत में उन्होंने समूह के माध्यम से बचत और छोटे-छोटे कार्यों से अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का प्रयास किया। धीरे-धीरे बिहान मिशन से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार के नए अवसर मिलने लगे। इसी दौरान उन्होंने पैरा मशरूम उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने इस कार्य को सफल बनाया और इससे उन्हें नियमित आय प्राप्त होने लगी।
सीमा वर्मा की आगे बढ़ने की इच्छा ने उन्हें आधुनिक तकनीक की ओर भी प्रेरित किया। दिसंबर 2023 में उन्होंने ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के पश्चात शासन की सहायता से उन्हें ड्रोन सेट, जनरेटर और ई-वाहन उपलब्ध कराया गया। इसके बाद उन्होंने किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक छिड़काव का कार्य प्रारंभ किया।
आज सीमा वर्मा आधुनिक ड्रोन तकनीक का उपयोग कर किसानों की खेती को अधिक सुविधाजनक और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस कार्य से उन्हें सम्मानजनक आय प्राप्त हो रही है और गांव में लोग उन्हें स्नेहपूर्वक ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से पुकारते हैं।
सीमा वर्मा की प्रेरणादायक यात्रा यह दर्शाती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिले, तो वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से समाज और कृषि क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। बिहान योजना ने उन्हें नई दिशा दी और उनके सपनों को सचमुच नई उड़ान प्रदान की।

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