समाज को राष्ट्रीय स्तर पर संगठित करने का संकल्प, जनवरी 2027 में गांड़ा राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित करने का प्रस्ताव पारित
MD भारत न्यूज़ रायपुर। राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज के राष्ट्रीय प्रभारी बनमाली छुरा के अगुवाई में राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज की महत्वपूर्ण बैठक अमलीडीह, रायपुर में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी एवं समाजजन शामिल हुए। राष्ट्रीय प्रभारी बनमाली छुरा ने कहा राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास के दौरान नुआखाई जैसे गांड़ा समाज के प्रमुख सांस्कृतिक पर्व का उल्लेख करते हुए दिए गए उद्बोधन का स्वागत किया गया तथा इसके लिए राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा नुआखाई को राष्ट्रीय मंच पर स्थान और सम्मान मिलना गांड़ा समाज की सांस्कृतिक पहचान के लिए गौरव का विषय है। इससे देशभर में निवासरत गांड़ा समाज के लोगों को अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक विरासत को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली है।
राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज के संस्थापक अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा कि नुआखाई केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि गांड़ा समाज की सांस्कृतिक अस्मिता, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामाजिक एकजुटता का महापर्व है। नई फसल के आगमन का स्वागत करते हुए समाज धरती मां तथा अपने कुल देवी-देवताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा नुआखाई का राष्ट्रीय मंच से उल्लेख किया जाना समाज के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण अवसर है।
अधिवक्ता नायक ने कहा कि अब समय आ गया है कि गांड़ा समाज अपनी सामाजिक एवं सांस्कृतिक शक्ति को छत्तीसगढ़ और ओडिशा तक सीमित न रखते हुए देशभर में संगठित और मजबूत करे। समाज के विभिन्न राज्यों में निवासरत लोगों को एक मंच पर लाकर शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुधार, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के नेतृत्व को बढ़ावा देना महासमाज की प्राथमिकता होगी।
राष्ट्रीय प्रभारी बनमाली छुरा ने कहा कि समाज की तरक्की के लिए केवल संख्या बल पर्याप्त नहीं है, बल्कि संगठन, शिक्षा और सामाजिक चेतना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में रहने वाले गांड़ा समाज के लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर एक मजबूत राष्ट्रीय संगठन खड़ा किया जाएगा। समाज की समस्याओं को संगठित रूप से शासन-प्रशासन के समक्ष रखने तथा नई पीढ़ी को समाज की जड़ों और संस्कृति से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
राष्ट्रीय युवा संगठन प्रभारी आशीष तांडी ने कहा कि युवा किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। इसलिए युवाओं को शिक्षा, रोजगार, खेल, तकनीक और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में आगे लाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज का संपूर्ण विकास संभव नहीं है, इसलिए महिलाओं को सामाजिक नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में समाज में शिक्षा के प्रचार-प्रसार, युवाओं एवं महिलाओं को आगे बढ़ाने, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, नशामुक्ति, सामाजिक एकता तथा देशभर में गांड़ा समाज को संगठित करने सहित विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में जनवरी 2027 में गांड़ा समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। प्रस्तावित अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से समाज के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर संगठन के विस्तार, सामाजिक अधिकारों, शिक्षा, रोजगार, महिला एवं युवा सशक्तिकरण तथा समाज की भावी दिशा पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।
राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज ने संकल्प लिया कि “संगठन, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता” को आधार बनाकर देशभर के गांड़ा समाज को एक सूत्र में जोड़ने का अभियान तेज किया जाएगा तथा समाज की नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए एक शिक्षित, संगठित, नशामुक्त और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण की दिशा में कार्य किया जाएगा।
बैठक में प्रमुख रूप से अधिवक्ता भगवानू नायक, बनमाली छुरा, आशीष तांडी, बबलू हरपाल, सुरज नायक, जग्गू छुरा, रोहित नायक, भागीरथी नायक, बेलदास तांडी, सुशांत दुर्गा, बबलू महानंद, राहुल हरपाल, उमा तांडी, कीर्ति तांडी, चांदनी जगत, ज्योति जगत, रिया दीप, रीमा, मीनाक्षी जगत, अरुण जगत,
बैठक में समाज के विकास एवं संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से निम्नलिखित महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। जिसमें प्रमुख रूप से राष्ट्रीय सदस्यता अभियान, राष्ट्रीय सामाजिक जनगणना, शिक्षा के लिए स्कूल एवं छात्रावास, प्रथम राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित करने का निर्णय लेने लिया