निजी विश्वविद्यालयो द्वारा। आयुर्वेद/हेल्थ एवं अलाइड साइंसेस/ पैरामेडिकल/ नर्सिंग/ फार्मेसी पाठ्यक्रम खोले जाने की प्रकिया प्रारंभ की जा रही है

MD भारत न्यूज,रायपुर। निजि विश्वविद्यालय के लिए जारी राजपत्र 5 जुलाई 2022 के अनुसार अब निजि विश्वविद्यालय चिकित्सा के क्षेत्र में भी अपने पाठ्यक्रम संचालित कर सकती हैं, और दूसरों को नियमानुसार संबद्धता भी दे सकती है, इसके लिए बाकायदा उच्च शिक्षा विभाग ने, चिकित्सा शिक्षा विभाग के सभी प्रावधानों को दरकिनार करते हुए बाकयदा राजपत्र प्रकाशित भी कर दिया है……
*5 जुलाई 2022 के शर्तो में स्पष्ट उल्लेख है कि*
*शर्त क्रमांक (1)*

इन सभी पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करने के पूर्व राज्य शासन को पूर्व नियमो को शिथिल करने के लिए अध्यादेश लागू करना पड़ेगा, किंतु कुछ निजि विश्वविद्यालय अध्यादेश लागू करने के पूर्व ही आयुष विश्वविद्यालय के 2008 के एक्ट व राजपत्र के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए अपने स्वयं के विश्वविद्यालय द्वारा चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र के सभी पाठ्यक्रम प्रारंभ कर रही है,
*शर्त क्रमांक (2)*

 

 

भारत सरकार द्वारा प्रकाशित नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के पृष्ठ क्रमांक 47 में भी यह स्पष्ट उल्लेख है की मेडिकल व लीगल पाठ्यक्रम संचालन की अनुमति निजी विश्वविद्यालय को नही होगी पर सभी नियमों को दरकिनार करते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने निजी विश्वविद्यालय को को उपरोक्त पाठ्यक्रम संचालन करने हेतु राजपत्र प्रकाशित किया है।
*छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) दिनाँक 16 सितम्बर 2008 विधि एवं विधायी कार्य विभाग, मंत्रालय, दाऊकल्याण सिंह भवन, रायपुर क्रमांक 8850/डी. 242 / 21-अ/प्रा/छ.ग./08 छत्तीसगढ़ विधानसभा का अधिनियम ’’ छत्तीसगढ़ आयुष एवं स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम 2008’’ जिस पर दिनाँक 12.09.2008 को राज्यपाल की अनुमति प्राप्त हो चुकी हैं ।* इसके प्रावधानों के अनुसार छत्तीसगढ़ आयुष एवं स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम 2008 की धारा 06) (1), (2) एवं (3) के अनुक्रम में प्रदेश के अन्य कोई संस्था, विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय द्वारा चिकित्सा शिक्षा से संबंधित किसी भी पाठ्यक्रमों का संचालन नहीं किया जा सकता है।

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