मेधावी नोनी बाबू योजना से संवर रहा श्रमिक की बेटी का भविष्य,ममता राजवाड़े योजना के सहयोग से BSC नर्सिंग की कर रहीं पढ़ाई

MD भारत न्यूज रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां और श्रम विभाग की योजनाएं प्रदेश के गरीब और श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को नई उड़ान दे रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित मेघावी नोनी बाबू शिक्षा सहायता योजनाश् ऐसी ही एक महत्वाकांक्षी योजना है, जो आर्थिक अभावों को मेधावी छात्रों की सफलता के आड़े नहीं आने दे रही है। इसका जीता-जागता उदाहरण सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत भिट्टिकला की होनहार छात्रा ममता राजवाड़े हैं, जो इस योजना के सहयोग से बी.एस.सी. नर्सिंग की पढ़ाई कर अपना भविष्य संवार रही हैं।

*आर्थिक तंगी के बीच शिक्षा की लौ*
ग्राम पंचायत भिट्टिकला निवासी ममता राजवाड़े एक अत्यंत सामान्य श्रमिक परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता पेशे से मजदूर हैं। ममता सहित परिवार में तीन भाई-बहन हैं। सीमित आय होने के कारण उनके पिता के लिए तीनों बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च वहन करना एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन, श्रम विभाग की *मेधावी नोनी बाबू शिक्षा सहायता योजना* ने ममता की इस चिंता को दूर कर दिया।

 

 

*योजना से मिली 45,000 रुपये की वार्षिक सहायता*

वर्तमान में ममता वी.के. नर्सिंग कॉलेज से बी.एस.सी. नर्सिंग की पढ़ाई कर रही हैं। योजना के प्रावधानों के तहत ममता को हर साल 45,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। इस आर्थिक सहायता से वे अपनी कॉलेज की फीस, कॉपी-किताबें और पढ़ाई से संबंधित अन्य सभी जरूरतें आसानी से पूरी कर पा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का जताया आभार
ममता राजवाड़े ने कहा कि मेरे पिताजी मजदूर हैं और हम गरीब परिवार से हैं। तीन भाई-बहन होने के कारण मेरे पिता जी हमारी पढ़ाई का खर्च नहीं उठा पाते थे। लेकिन मेधावी नोनी बाबू शिक्षा सहायता योजना के तहत मिलने वाले 45,000 रुपये मेरी पढ़ाई में बहुत मदद कर रहे हैं। इस योजना और श्रम विभाग ने मुझे आगे की पढ़ाई पूरी करने और अपना भविष्य बनाने का बहुत हौसला दिया है। इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और श्रम विभाग को तहेदिल से आभार व्यक्त किया।

श्रमिकों के उत्थान के प्रति शासन की प्रतिबद्धता
ममता राजवाड़े की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार की श्मेधावी नोनी बाबू शिक्षा सहायता योजना धरातल पर श्रमिक परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। सरकार का यह प्रयास सुनिश्चित कर रहा है कि प्रदेश के निर्माण में अपना पसीना बहाने वाले श्रमिकों के बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ें और एक सशक्त व आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।

 

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