धोबी ( रजक ) जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने, मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा गया

MD भारत न्यूज रायपुर/बालोद। धोबी रजक समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग धोबी समाज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की है।

बीते दिनों छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर के समिति कक्ष में प्रदेश धोबी समाज का आयोजन हुआ।
इस आयोजन के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रहे।
इसके साथ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  धरम लाल कौशिक, पूर्व केबिनेट मंत्री अमर अग्रवाल भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में धोबी समाज के प्रदेश अध्यक्ष विश्राम सिंह निर्मलकर जी एवं सभी प्रदेश संभागीय जिला पदाधिकारियों ने पुष्प गुच्छ, से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व अन्य अतिथियों का स्वागत किया।

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा समाज के विकास के लिए सरकार कर रही है काम

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से जब समाज के प्रदेश अध्यक्ष विश्राम सिँह ने धोबी (रजक ) समाज को अनुसूचित जाति ने जोड़ने की मांग पत्र सौपा तो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा।
राज्य सरकार समावेशी विकास को बढ़ावा देते हुए समाज विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
समाज के सशक्तिकरण से ही राष्ट्र का निर्माण होता है समाज की मांग अनुसूचित जाति शामिल आरक्षण लाभ मिले मांग पत्र पर विचार करेंगे साथ ही विभिन्न सामाजिक मांग को पूरा करेंगे।
आगे यह भी कहा सामाजिक संचालन कार्य योजना बनाने स्वयं की सामाजिक भवन होना चाहिए जमीन व भवन निर्माण हेतु राशि देने बात कही समाज के लोगों को विभिन्न निगम मंडल आयोग में नगरी निकाय ग्राम पंचायत में भी प्रतिनिधित्व मिले ध्यान रखा जाएगा।

धोबी समाज से है पुराना रिश्ता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा धोबी (रजक) समाज से हमारा पुराना रिश्ता है। तुलसी राम कौशिक हमारे बड़े भाई की तरह है। मेरे राजनितिक गुरु है।30 साल से हम एक दूसरे साथ साथ चल रहे है।
समाज के सुख दुख में हमेशा साथ दूंगा – धरम लाल कौशिक

वहीं धरम लाल कौशिक ने कहा धोबी (रजक) समाज भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने में बढ़ी भूमिका रहती है,यह समाज मेहनत कस समाज है।
मै समाज के हर सुख दुख में हमेशा खड़ा रहूंगा।

समाज के हर व्यक्ति के विकास से ही समाज होगा मजबूत

राष्ट्रीय रजक महासंघ प्रदेश अध्यक्ष विश्राम निर्मलकर ने स्वागत भाषण करते हुए समाज के विकास उत्थान विस्तार रखा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ,पंडित श्यामाप्रकाश मुखर्जी, डॉ राम मनोहर लोहिया, भीमराव अंबेडकर ,सभी ने एक बात कही थी जब तक अंतिम छोर पर खड़ा समाज के व्यक्ति का विकास नहीं हो जाता तब तक हमारा विकास अधूरा है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी यहीं नारा है
सबके साथ सबका विकास सब का प्रयास।

हमारी मांगे कई वर्षो से हो रही है, अब मांग को पूरा करना होगा

धोबी समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री विश्राम रजक ने कहा धोबी रजक समुदाय के लोग आज ही नहीं प्रदेश विभाजन के पूर्व से धोबी रजक जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग करते रहे हैं। देश के 17 राज्य में अनुसूचित में शामिल किया गया है।
विभाजित मध्य प्रदेश में धोबी जाति को भोपाल, रायसेन सीहोर में अनुसूचित जाति का आरक्षण मिल रहा है लेकिन छत्तीसगढ़ में आरक्षण का मामला पिछड़ा हुआ है वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य में धोबी जाति को पिछड़ा वर्ग में रखा गया है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश में है 25 लाख धोबी समाज के सदस्य

आगे बताया छत्तीसगढ़ में धोबी जाति की संख्या लगभग 25 लाख की है।छत्तीसगढ़ निर्माण के 20 वर्ष पश्चात भी धोबी जाति की रहन-सहन शिक्षा दीक्षा आजादी के 75 वी अमृत महोत्सव काल के बाद भी जस तस बना हुआ है।
जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण है इस जाति से जनप्रतिनिधि सांसद, विधायक, निगम, मंडल, आयोग, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष ,महापौर नगर निगम, स्थान नहीं मिला इसी प्रकार सरकारी नौकरी में प्रशासनिक अधिकारी इंजीनियर और तृतीय वर्ग चतुर्थ वर्ग में धोबी जाति की जनसंख्या के आधार पर एक प्रतिशत भी नहीं है न ही किसी बड़े राजनीतिक दल के द्वारा प्रदेश पदाधिकारी जिला पदाधिकारी मंडल प्रमुख संगठन में भी स्थान नहीं दिया जाता है।

समाज का हो रहा है शोषण

धोबी एक जाती है न की पद परंतु राज्य सरकार के विभिन्न विभाग में भर्ती प्रक्रिया धोबी पद में सृजन कर आरक्षण को विभाजित करने से धोबी जाति के लोगों का शोषण हो रहा है।धोबी रजक जाति की जीवन स्तर ऊंचा उठाने अन्य प्रदेश की भांति छत्तीसगढ़ सरकार धोबी( रजक )जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने राज्य सरकार से प्रस्ताव पारित कर अनुशंसा भारत सरकार को भेजने की मांग पत्र सौपा गया। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महासचिव सुरेश निर्मलकर किया।

कार्यक्रम प्रमुख राष्ट्रीय रजक महासंघ छत्तीसगढ़ के *संरक्षक* प्रहलाद रजक, तुलसी कौशिक, धुरसाय निर्मलकर, *उपाध्यक्ष* बालगोविंद रजक, डॉ लेखराम निर्मलकर, मोहित रजक, ज्ञान सिंह निर्मलकर *महासचिव* चूड़ामणि निर्मलकर, *कोषाध्यक्ष* महेश कर्ष
वरिष्ठ सलाहकार पवन गंगबेर संभागीय अध्यक्ष ईश्वरी कर्ष बिलासपुर, राधेश्याम रजक दुर्ग ,दिनेश निर्मलकर बस्तर, *युवा प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष* राजा निर्मलकर महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष श्रीमति चित्रेख़ निर्मलकर
महिला प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमति रीना (रेणुका) निर्मलकर
*जिला अध्यक्ष* नरेन्द्र निर्मलकर रायपुर, भीमसेन निर्मलकर बालोद , पित्रेश उजागर जांजगीर, पंचु राम निर्मलकर, महासमुंद, धुरुनारायण रजक बेमेतरा, राकेश निर्मलकर खैरागढ , धुरसाय रजक कोरबा, दिनानाथ निर्मलकर दुर्ग, जिला उपाध्यक्ष मंगलू राम धमतरी, राजेंद्र रजक कांकेर, कैलाश सोनवानी राजनांदगांव, निलेश निर्णेजक बिलासपुर राजेंद्र निर्मलकर विशेष रूप सहयोग प्रदान किया निलेश रजक बिलासपुर, राकेश निर्मलकर रायपुर कार्यक्रम संचालन / प्रेस विज्ञप्ति प्रदेश महासचिव सुरेश निर्मलकर

 

 

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